राशिफल 2027: मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का वार्षिक राशिफल

2027 का आसमान तीन बड़ी चालों से बनता है: शनि जून में मेष में जाते हैं और अक्टूबर में लौट आते हैं, गुरु साल में तीन बार राशि बदलते हैं, और राहु पूरे साल मकर में रहते हैं। यहाँ हर चंद्र राशि के लिए यही चालें तारीखों के साथ पढ़ी गई हैं, बिना डर और बिना किसी वादे के।

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समुद्र के ऊपर ढलती शाम के आसमान में पतला अर्धचंद्र और दो चमकते ग्रह
Photo: Rafael Minguet Delgado / Pexels

राशिफल 2027 पढ़ने से पहले एक बात साफ़ कर दें: यह आपकी चंद्र राशि पर आधारित सामान्य फल है, आपकी पूरी कुंडली नहीं। 2027 में तीन ग्रह-चालें सबसे ज़्यादा मायने रखती हैं। शनि 3 जून को मेष में जाते हैं और 20 अक्टूबर को वक्री होकर मीन में लौट आते हैं। गुरु साल की शुरुआत सिंह में करते हैं, जनवरी में कर्क में लौटते हैं, जून में फिर सिंह में आते हैं और नवंबर के आख़िर में कन्या में चले जाते हैं। राहु पूरे साल मकर में और केतु कर्क में रहते हैं।

नीचे हर राशि का फल इन्हीं तारीखों से निकाला गया है: कौन-सा ग्रह आपकी चंद्र राशि से किस भाव में है, और वैदिक परंपरा उस भाव को कैसे पढ़ती है। यह भविष्यवाणी नहीं, परंपरा की पढ़ाई है। कोई ग्रह किसी तय दिन कोई घटना "लेकर नहीं आता"।

यह राशिफल चंद्र राशि से क्यों पढ़ा जाता है

वैदिक ज्योतिष में गोचर का फल परंपरागत रूप से जन्म के चंद्रमा की राशि से गिना जाता है, जिसे चंद्र राशि या जन्म राशि कहते हैं। अख़बार और पश्चिमी पत्रिकाएँ अक्सर सूर्य राशि का राशिफल छापती हैं, जो जन्म की तारीख़ से तय होती है। दोनों अलग चीज़ें हैं, और दोनों की राशि भी अक्सर अलग निकलती है। वैदिक गणना निरयन (sidereal) राशिचक्र पर चलती है, इसलिए किसी की पश्चिमी "Aries" राशि वैदिक में मीन भी हो सकती है।

चंद्र राशि (वैदिक)सूर्य राशि (पश्चिमी)
किससे तय होती हैजन्म के समय चंद्रमा की राशिजन्म की तारीख़
क्या चाहिएजन्म तिथि, समय और स्थानकेवल जन्म तिथि
बदलाव की गतिचंद्रमा लगभग ढाई दिन में राशि बदलता हैसूर्य लगभग एक महीने में
यह पेज किसे मानता हैइसेइसे नहीं

2027 के बड़े ग्रह परिवर्तन और ग्रहण

ग्रह-गोचर की तारीखें PanchangBodh के 2027 गोचर कैलेंडर से ली गई हैं। अलग-अलग पंचांगों में एक दिन का अंतर संभव है, इसलिए इन्हें बदलाव का दिन समझें, घड़ी का मिनट नहीं।

तारीखग्रह या घटनासरल अर्थ
पूरा सालराहु मकर में, केतु कर्क में5 दिसंबर 2026 से 24 जून 2028 तक यही स्थिति
25 जनवरीगुरु वक्री होकर वापस कर्क मेंगुरु का पहला बदलाव
6 फरवरीवलयाकार सूर्य ग्रहण, मकर राशि मेंभारत में दिखेगा या नहीं, अपने पंचांग में देखें
3 जूनशनि का मेष में प्रवेशज़्यादातर राशियों के लिए शनि का भाव बदलता है
26 जूनगुरु फिर सिंह मेंगुरु का दूसरा बदलाव
2 अगस्तपूर्ण सूर्य ग्रहण, कर्क राशि मेंभारत के ज़्यादातर हिस्सों से आंशिक दिखेगा
9 अगस्तमेष में शनि वक्रीशनि धीमे और उलटी दिशा में दिखते हैं
20 अक्टूबरवक्री शनि वापस मीन मेंजून से पहले की स्थिति लौटती है
26 नवंबरगुरु का कन्या में प्रवेशगुरु का तीसरा बदलाव
24 दिसंबरशनि मीन में मार्गीशनि 23 फरवरी 2028 को फिर मेष में जाते हैं

इनके अलावा 21 फरवरी, 18 जुलाई और 17 अगस्त को उपच्छाया चंद्र ग्रहण बताए गए हैं, जो इतने हल्के होते हैं कि अक्सर आँख से पता ही नहीं चलता। 18 जुलाई वाला ग्रहण केवल PanchangBodh में है, Drik Panchang में नहीं। ग्रहण के समय और सूतक के बारे में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण 2027 देखें, और अपने शहर का समय अपने पंचांग से मिला लें।

शनि के पूरे साल और हर राशि पर उसके भाव के लिए शनि गोचर 2027 पढ़ें; गुरु की तीनों खिड़कियों के लिए Guru Gochar 2027 है।

वार्षिक राशिफल 2027: 12 राशियाँ एक नज़र में

भाव आपकी चंद्र राशि से गिने गए हैं (आपकी राशि पहला भाव)। गुरु वाले कॉलम में क्रम है: कर्क (25 जनवरी से 26 जून), सिंह (साल की शुरुआत में और 26 जून से 26 नवंबर), कन्या (26 नवंबर से)।

चंद्र राशिशनि: मीन में / मेष में (3 जून से 20 अक्टूबर)गुरु: कर्क / सिंह / कन्याराहु / केतु
मेष12वाँ / 1ला4था / 5वाँ / 6ठा10वाँ / 4था
वृषभ11वाँ / 12वाँ3रा / 4था / 5वाँ9वाँ / 3रा
मिथुन10वाँ / 11वाँ2रा / 3रा / 4था8वाँ / 2रा
कर्क9वाँ / 10वाँ1ला / 2रा / 3रा7वाँ / 1ला
सिंह8वाँ / 9वाँ12वाँ / 1ला / 2रा6ठा / 12वाँ
कन्या7वाँ / 8वाँ11वाँ / 12वाँ / 1ला5वाँ / 11वाँ
तुला6ठा / 7वाँ10वाँ / 11वाँ / 12वाँ4था / 10वाँ
वृश्चिक5वाँ / 6ठा9वाँ / 10वाँ / 11वाँ3रा / 9वाँ
धनु4था / 5वाँ8वाँ / 9वाँ / 10वाँ2रा / 8वाँ
मकर3रा / 4था7वाँ / 8वाँ / 9वाँ1ला / 7वाँ
कुंभ2रा / 3रा6ठा / 7वाँ / 8वाँ12वाँ / 6ठा
मीन1ला / 2रा5वाँ / 6ठा / 7वाँ11वाँ / 5वाँ

पढ़ने का पारंपरिक नियम: चंद्र राशि से गुरु 2रे, 5वें, 7वें, 9वें और 11वें भाव में शुभ माने जाते हैं; शनि और राहु 3रे, 6ठे और 11वें भाव में। बाकी भाव "बुरे" नहीं, बल्कि ज़्यादा धैर्य या मेहनत माँगने वाले कहे जाते हैं।

मेष से मीन तक: हर राशि का राशिफल 2027

मेष राशिफल 2027

मेष के लिए साल की सबसे बड़ी तारीख़ 3 जून है, जब शनि आपकी अपनी राशि में आते हैं और साढ़े साती का बीच वाला चरण शुरू माना जाता है। 20 अक्टूबर को शनि फिर 12वें भाव में लौटते हैं। गुरु साल का सबसे लंबा हिस्सा (1 से 25 जनवरी और 26 जून से 26 नवंबर) 5वें भाव में रहते हैं, जिसे पढ़ाई, संतान और रचनात्मक कामों के लिए अनुकूल पढ़ा जाता है। राहु 10वें भाव में करियर में महत्वाकांक्षा और बदलाव की बात करता है। परंपरा इस साल दिनचर्या और सेहत पर नियम रखने की सलाह देती है।

वृषभ राशिफल 2027

3 जून से शनि आपके 12वें भाव में आते हैं और यहीं से साढ़े साती की गिनती शुरू होती है, जो 20 अक्टूबर को रुककर फरवरी 2028 में फिर चलती है। साल की शुरुआत में 11वाँ शनि लाभ के लिए अनुकूल माना जाता है। गुरु 26 नवंबर को 5वें भाव में आते हैं, जो साल का सबसे सहायक मोड़ पढ़ा जाता है। खर्च और नींद की योजना पहले से बनाना परंपरा की आम सलाह है। पूरी तारीखें साढ़े साती 2027 में हैं।

मिथुन राशिफल 2027

जनवरी के आख़िर से जून तक गुरु 2रे भाव में रहते हैं, जिसे परिवार, वाणी और बचत के लिए शुभ माना जाता है। जून से अक्टूबर तक शनि 11वें भाव में रहते हैं, जो पुराने प्रयासों के फल और आय के लिए अनुकूल स्थिति कही जाती है। राहु 8वें भाव में है, इसलिए परंपरा अचानक के जोखिम और उधार-लेनदेन में सावधानी की सलाह देती है।

कर्क राशिफल 2027

कर्क के लिए 2 अगस्त का सूर्य ग्रहण आपकी ही राशि में पड़ता है, और केतु पूरे साल यहीं रहते हैं। परंपरा ऐसे समय को भीतर देखने और भागदौड़ कम करने का समय कहती है, डरने का नहीं। गुरु जनवरी से जून तक आपकी राशि में और जून से नवंबर तक 2रे भाव में रहते हैं, जो परिवार और धन के लिए सहायक माना जाता है। जून से अक्टूबर तक 10वाँ शनि काम में अनुशासन माँगता है।

सिंह राशिफल 2027

सिंह के लिए साल की शुरुआत अष्टम शनि की ढैया से होती है। 3 जून से 20 अक्टूबर तक शनि 9वें भाव में रहते हैं, जिसे राहत की खिड़की की तरह पढ़ा जाता है। गुरु जून से नवंबर तक आपकी राशि में रहते हैं और 26 नवंबर को 2रे भाव में जाकर अनुकूल हो जाते हैं। राहु 6ठे भाव में प्रतियोगिता और कार्यस्थल की चुनौतियों के लिए अनुकूल माना जाता है।

कन्या राशिफल 2027

जनवरी के आख़िर से जून तक गुरु 11वें भाव में रहते हैं, जो इस साल कन्या का सबसे सहायक समय पढ़ा जाता है। 3 जून से शनि 8वें भाव में आते हैं और ढैया शुरू मानी जाती है, जो 20 अक्टूबर को रुककर 2028 में फिर चलती है। 26 नवंबर को गुरु आपकी अपनी राशि में आते हैं। केतु 11वें भाव में है, जिसे परंपरा अनुकूल गिनती है।

तुला राशिफल 2027

साल की शुरुआत में शनि 6ठे भाव में हैं, जो शनि की सबसे अनुकूल स्थितियों में गिना जाता है। जून से अक्टूबर तक 7वाँ शनि रिश्तों और साझेदारी में धीमी, ज़िम्मेदार चाल की बात करता है। गुरु साल का बड़ा हिस्सा 11वें भाव में रहते हैं, जो आय और मित्रों के लिए शुभ माना जाता है। राहु 4थे भाव में घर और मन की शांति पर ध्यान माँगता है।

वृश्चिक राशिफल 2027

वृश्चिक के लिए 2027 के ग्रह अपेक्षाकृत सहायक पढ़े जाते हैं। गुरु कर्क में 9वें भाव में और नवंबर के आख़िर से 11वें भाव में शुभ माने जाते हैं। राहु 3रे भाव में साहस और पहल के लिए अनुकूल है, और जून से अक्टूबर तक शनि 6ठे भाव में रहते हैं। बीच के महीनों में गुरु 10वें भाव में काम का बोझ बढ़ा सकते हैं, ऐसा पढ़ा जाता है।

धनु राशिफल 2027

धनु के लिए 4थे भाव का शनि यानी कंटक शनि की ढैया साल की शुरुआत में चल रही है, जो 3 जून से 20 अक्टूबर तक रुकती है। गुरु, जो धनु के स्वामी भी हैं, जून से नवंबर तक 9वें भाव में रहते हैं, जिसे भाग्य और गुरुजनों के लिए शुभ पढ़ा जाता है। राहु 2रे भाव में है, इसलिए वाणी और पैसों के मामलों में संयम की सलाह आम है।

मकर राशिफल 2027

राहु पूरे साल आपकी अपनी राशि में हैं, और 6 फरवरी का वलयाकार सूर्य ग्रहण भी मकर में पड़ता है। परंपरा इसे अपनी पहचान और दिशा पर सोचने का साल कहती है। 3 जून से शनि 4थे भाव में आते हैं और ढैया शुरू मानी जाती है, जो 20 अक्टूबर को रुकती है। गुरु कर्क में 7वें भाव में और नवंबर के आख़िर से 9वें भाव में शुभ पढ़े जाते हैं।

कुंभ राशिफल 2027

कुंभ की साढ़े साती का अंतिम चरण चल रहा है। 3 जून से 20 अक्टूबर तक शनि 3रे भाव में जाते हैं, जिससे बीच के महीनों में विराम माना जाता है; पूरी समाप्ति 23 फरवरी 2028 को गिनी जाती है। गुरु जून से नवंबर तक 7वें भाव में रहते हैं, जो रिश्तों और साझेदारी के लिए शुभ माना जाता है। केतु 6ठे भाव में अनुकूल गिना जाता है।

मीन राशिफल 2027

मीन पर साल की शुरुआत में साढ़े साती का बीच वाला चरण है, और 3 जून से शनि 2रे भाव में जाकर तीसरा चरण शुरू करते हैं। 20 अक्टूबर को शनि फिर आपकी राशि में लौटते हैं, इसलिए साल का अंत फिर बीच वाले चरण में होता है। राहु 11वें भाव में आय और लक्ष्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। गुरु कर्क में 5वें भाव में और 26 नवंबर से 7वें भाव में शुभ पढ़े जाते हैं। परिवार और पैसों की बातचीत में धैर्य परंपरा की मुख्य सलाह है।

अपनी चंद्र राशि कैसे जानें

यह पूरा राशिफल तभी काम का है जब आपकी चंद्र राशि सही हो। ये कदम अपनाएँ:

  1. जन्म तिथि, समय और स्थान तैयार रखें। चंद्रमा लगभग ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए राशि बदलने वाले दिन जन्मे लोगों के लिए समय बहुत मायने रखता है।
  2. मुफ़्त कुंडली बनाएँ। Astroliya की मुफ़्त कुंडली में सबसे पहले आपकी चंद्र राशि, नक्षत्र और लग्न दिखते हैं।
  3. नाम की राशि से तुलना करें। नाम के पहले अक्षर से निकली राशि जन्म-चंद्र की राशि से अलग हो सकती है; गोचर का फल जन्म-चंद्र से पढ़ा जाता है।
  4. अपनी राशि का रोज़ का फल देखें। राशिफल पेज पर हर राशि का दिन, सप्ताह और महीने का फल है; जैसे मेष के लिए मेष राशिफल।

एक उदाहरण: एक ही राशि, दो अलग साल (केवल समझाने के लिए)

मान लीजिए दो लोगों की चंद्र राशि वृषभ है (ये असली लोग नहीं, केवल उदाहरण हैं)। ऊपर का राशिफल दोनों के लिए एक ही है: 3 जून से साढ़े साती की शुरुआत और 26 नवंबर से 5वें भाव में गुरु। पर पहले व्यक्ति की कुंडली में इस साल गुरु की महादशा चल रही है और शनि लग्न से 11वें भाव में मज़बूत बैठे हैं; परंपरा उनके लिए जून से अक्टूबर को मेहनत का फल देने वाला समय भी पढ़ सकती है। दूसरे व्यक्ति पर राहु की दशा है और जन्म का शनि कमज़ोर है; उनके लिए वही महीने ज़्यादा सावधानी वाले पढ़े जाएँगे। राशि एक, गोचर एक, पर पढ़ाई अलग। इसीलिए राशिफल को शुरुआत मानें, आख़िरी शब्द नहीं।

अपनी कुंडली के हिसाब से पूरे साल को महीनेवार देखना हो तो वार्षिक भविष्यफल 2027 रिपोर्ट आपकी दशा और गोचर को साथ पढ़ती है। किसी एक सवाल पर बात करनी हो तो Astroliya के AI ज्योतिषी से चैट करें, जो अपना तर्क दिखाकर जवाब देता है। अंग्रेज़ी में यही साल पढ़ना चाहें तो rashifal 2027 का अंग्रेज़ी रूप Horoscope 2027 पर है।

उपायों पर एक ईमानदार बात

परंपरा में शनि के लिए शनिवार को दान और सेवा, गुरु के लिए गुरुवार को पढ़ाई और बड़ों का सम्मान, और राहु-केतु के लिए मंत्र-जप जैसे सरल उपाय बताए जाते हैं। ये पूरी तरह वैकल्पिक हैं और किसी परिणाम का वादा नहीं करते। ये डॉक्टर, वकील या वित्तीय सलाहकार की सलाह की जगह नहीं ले सकते। डर के आधार पर महँगे अनुष्ठान या रत्न खरीदने की ज़रूरत नहीं; कोई रत्न पहनने से पहले अपनी पूरी कुंडली ज़रूर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राशिफल 2027 चंद्र राशि से देखें या सूर्य राशि से?

वैदिक परंपरा में गोचर का फल चंद्र राशि से पढ़ा जाता है, इसलिए यह पेज चंद्र राशि मानता है। सूर्य राशि पश्चिमी ज्योतिष की चीज़ है और अक्सर अलग राशि देती है। अपनी चंद्र राशि मुफ़्त कुंडली में देख सकते हैं।

2027 में किन राशियों के लिए शनि का बदलाव सबसे अहम है?

3 जून से वृषभ की साढ़े साती शुरू होती है, मेष और मीन का चरण बदलता है, और कन्या व मकर की ढैया शुरू होती है। सिंह, धनु और कुंभ के लिए जून से अक्टूबर विराम जैसा पढ़ा जाता है। 20 अक्टूबर को स्थिति जून से पहले जैसी हो जाती है।

क्या 2 अगस्त का ग्रहण कर्क राशि वालों के लिए बुरा है?

परंपरा अपनी राशि में पड़ने वाले ग्रहण को सावधानी और आत्म-चिंतन का समय कहती है, किसी तय नुकसान का संकेत नहीं। ग्रहण भारत के ज़्यादातर हिस्सों से आंशिक दिखेगा; सूतक केवल वहीं माना जाता है जहाँ ग्रहण दिखे, इसलिए अपने शहर का पंचांग देखें।

क्या वार्षिक राशिफल 2027 मेरी कुंडली की जगह ले सकता है?

नहीं। राशिफल एक ही चंद्र राशि वाले सभी लोगों के लिए एक जैसा होता है, जबकि लग्न, दशा और ग्रहों का बल हर कुंडली में अलग है। राशिफल दिशा देता है, पर अपने साल की सही तस्वीर अपनी कुंडली से ही बनती है।